ये राह कठिन है मगर आसां बना देंगे... अथ एंटरटेनमेंट

 
अथ एंटरटेनमेंट हर दिन अपने एक-एक कदम को सकारत्मकता की दिशा में अग्रसर कर रहा है। अथ एंटरटेनमेंट का सपना और लक्ष्य केवल फिल्मी दुनिया से पैसा कमाना नहीं, इसकी शुरुआत और बुनियाद ही इसलिए पड़ी है कि समाज में फैली हर बुराई को उसका आइना दिखा सकें। हर अच्छाई को और दूर तक फैला सकें। हर आवाज़ को विश्व की क्षितिज पर गुंजायमान कर सकें। इसी का नतीजा है कि फिल्म निर्माता पंकज नारायण द्वारा लिखित 'गंगा अवतरण' का काव्य लेखन रहा है और अपूर्वा बजाज के भी पारस्परिक सहयोग से डोक्यूमेंट्री फिल्म 'कीटनाशक' का प्रसारण देश के विभिन्न राज्यों में हुआ है। यह बताता है कि कैसे किसानों को खेती के लिए जैविक खाद का सहारा लेना चाहिए। कैसे बाजारवाद प्रकृति को निगल रहा है व रासायनों को बढ़ावा दे रहा है। हम कैसे हर दिन जहर खा रहे हैं। ये मुद्दे ऐसे हैं जिससे हमारा और हमारे बच्चों समेत आने वाली पीढ़ियों का अस्तित्व जुड़ा है। आपका साथ चाहिए, ये मुहिम आगे ज्वलंत मुद्दे की तरह सुलगता और हर इंसान को जागृत करने वाला रहेगा, कायम रहेगा। अनवरत और अनंत तक चलता ही रहेगा।

ये राह कठिन है मगर आसां बना देंगे
कह दो उस आसमां से हम जमीं को उठा देंगे
आजिज़ न बना सकता हमें ये वक्त का पहिया
आफ़ताब हमारे साथ है, सच पर आतिश लगा देंगे
अथ तो शुरुआत का दूसरा नाम है
हम बुराई को भी अच्छाई की आदत लगा देंगे
न पूछ ये आगाज किस अंजाम तक जाएगा
हर बुरे की आंच को हम टीवी पर दिखा देंगे
आदमियत की आफ़ात पर हम चुप न रहेंगे
हर आफ़त को आब-ए-आइना दिखा देंगे
हम फिल्मी हैं मगर हमारा लक्ष्य जुदा है
आइए, हम मिलकर इसका अथ करें,

कहें जमाने से अथ के साथ नया जमाना बना देंगे।


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